Rajesh Takyar

Books

Krishan Ek Satyagyan

Krishan Ek Satyagyan is a profound Hindi spiritual book that captures the life, leelas, and teachings of Shri Radha Krishna.

Safalta Ka Rasta

Safalta Ka Rasta is a powerful Hindi self-help book designed to inspire readers with motivation, life lessons, and practical wisdom. 

Diary of a Monk

Diary of a Monk by Dr. Rajesh Takyar is a powerful self-help and spiritual book that blends ancient wisdom with modern life lessons.

Inventing Dreams

Inventing Dreams Hindi Novel for Youth Love Story Motivational Inspirational Book Spiritual Journey Self Realization

Adventure Book for Kids | Hindi Treasure Hunt & Mystery Story

Adventure Book for Kids takes young readers on an extraordinary treasure hunt filled with suspense, mystery, and courage.

Way To Success- Hard work vs smart work

Every person wants success, so they keep searching for ways and continue to struggle in life. “You are successful” is not just a sentence; it means you have read Safalta Ka Raasta. After reading it, you will be surprised to discover that what you were seeking from others was actually within you. You kept asking people, but no one could give it to you.

जाना किधर है (Hindi Edition): भाग 1

अर्जुन की तरह से मानव के सामने भी कई बार ऐसे क्षण आते हैं, जब उसे नहीं मालूम कि जाना किधर है। वह रणभूमि में खड़ा तो है, साधन भी हैं; परन्तु उसे समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहाँ से करें। उसके हृदय की करुणा और मोह उसे कुछ करने और कुछ न करने को कहते हैं।

मैं कौन हूँ भाग-7 (Who Am I Bhag-7) Kindle Edition

श्रीमद्भगवद्गीता का सातवाँ भाग ‘मैं कौन हूँ’ कुल 30 श्लोकों से युक्त है। इसमें श्रीकृष्ण अपने दिव्य स्वरूप, प्रकृति, माया, भक्ति और आत्मज्ञान की सरल व गहन व्याख्या करते हैं। वे अर्जुन से कहते हैं कि अब वे ऐसा दिव्य ज्ञान देंगे, जिसे जान लेने के बाद कुछ भी शेष नहीं रहता।

इन्वेंटिंग ड्रीम्स (Hindi Edition) Kindle Edition

प्रेरणादायक जीवनी: ‘इन्वेंटिंग ड्रीम’ ऐसे व्यक्ति की अद्वितीय यात्रा का वृत्तांत है, जिसने अपने साधारण से आरंभ को सफलता में बदल दिया, यह सिद्ध करते हुए कि दृढ़ संकल्प से सपनों को साकार किया जा सकता है। यह कहानी युवाओं को अपनी कठिनाइयों के बावजूद अपने भाग्य का निर्माता बनने के लिए प्रेरित करती है।
सच्ची कहानी: एक सत्यकथा ऐसे व्यक्ति की, जिसने भारत के दूसरे आम नागरिकों की तरह मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म लेकर; अपने किए हुए आविष्कारों में से एक आविष्कार को, भारत की सबसे बड़ी 5 कम्पनियों में से एक को बेचा और अपने सपने साकार किए।

दिव्यमार्ग भाग-8( Divyamarg Bhag-8) Kindle Edition

भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को बताए गए इस भाग में वह ज्ञान है जो मनुष्य को चेतना के उच्चतम स्तर तक पहुँचाता है। दिव्यमार्ग पाठक को यह समझने में सहायता करता है कि ब्रह्म क्या है, अध्यात्म का वास्तविक स्वरूप क्या है, और मृत्यु के समय मन की स्थिति मोक्ष या पुनर्जन्म का मार्ग कैसे बनाती है।

श्रीमद्भगवद्गीता -निर्णय लेना कौन सिखाए गा -भाग 2(Nirnay Lena Kaun Sikhayega- Bhaag 2) Kindle Edition

कर्तव्य पालन का महत्व कौन नहीं जानता, परन्तु कई बार परिस्थितियाँ
विकट हो जाती हैं। मानव को समझ नहीं आता कि कर्म क्या है? कैसे करना
है? क्या उचित है और क्या अनुचित है? इसी भूल-भुलैया में अगर भाग्य से
कोई श्रीकृष्ण मिल जाएँ, तो जीवन को सही दिशा मिल जाती है।

जाना किधर है – भाग 1(Jana kidhar hai -Part-1)

अर्जुन की तरह से मानव के सामने भी कई बार ऐसे क्षण आते हैं, जब उसे नहीं मालूम कि जाना किधर है। वह रणभूमि में खड़ा तो है, साधन भी हैं; परन्तु उसे समझ नहीं आ रहा कि शुरुआत कहाँ से करें। उसके हृदय की करुणा और मोह उसे कुछ करने और कुछ न करने को कहते हैं। वह नैतिक, भावात्मक और धर्मसंकट के प्रश्नों में उलझ जाता है। ऐसे समय में उसे सही मार्ग दिखाने वाला चाहिए। श्रीमद्भगवद्गीता के पहले अध्याय पर आधारित यह पुस्तक इसी प्रश्न का उत्तर देती है और मार्गदर्शन करती है, इसीलिए यह आपके हाथों में है

श्रीमद्भगवद्गीता-कर्म और फल – भाग 3(Shrimad Bhagavat Geeta -Karm aur phal)

जीवन में हर इंसान के सामने कई बार ऐसे पल आते हैं, जब वह समझ नहीं पाता कि क्या करना सही है। कभी लगता है काम करना चाहिए, तो कभी लगता है सब छोड़ देना ही अच्छा है। मन में इच्छाएँ और मोह पैदा होते हैं, और इंसान दुविधा में पड़ जाता है। ऐसे समय में उसे किसी ऐसे मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, जो उसे सही दिशा दिखाए।

श्रीमद्भगवद्गीता -कर्म क्या है (Karm Kya Hai, Bhag 5)

भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों से प्रेरित यह पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के पाँचवें अध्याय पर आधारित है, जहाँ संन्यास और कर्मयोग के गूढ़ अर्थों को सरल, आधुनिक और व्यावहारिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया है। इस भाग में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन के माध्यम से संन्यास और कर्मयोग के गूढ़ रहस्यों को उजागर करते हैं।

श्रीमद्भगवद्गीता -निर्णय लेना कौन सिखाए गा -भाग 2

निर्णय लेना कौन सिखाए गा – भाग 2 पुस्तक के पीछे का कर्तव्य पालन का महत्व कौन नहीं जानता, परन्तु कई बार परिस्थितियाँ विकट हो जाती हैं। मानव को समझ नहीं आता कि कर्म क्या है? कैसे करना है? क्या उचित है और क्या अनुचित है? इसी भूल-भुलैया में अगर भाग्य से कोई श्रीकृष्ण मिल जाएँ, तो जीवन को सही दिशा मिल जाती है।

Treasury of Sinop-Action Adventure|Fiction|Mystery

What if the greatest treasures aren’t buried in gold—but in courage, friendship, and truth?
When twelve-year-old Nikolai stumbles upon a century-old legend about a lost Romanova treasure, he and his four friends set out to uncover its secrets.

ज्ञान की परिभाषा - भाग 4(Gyaan ki paribhasha)

जीवन में कई बार हम यह सोचकर उलझ जाते हैं कि क्या केवल कर्म करना पर्याप्त है या ज्ञान ही सबसे बड़ा मार्ग है। मन कभी फल की इच्छा से भटकता है, तो कभी त्याग की ओर झुकता है। ऐसे में श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान की परिभाषा — भाग 4: हमें जीवन में कर्म और ज्ञान के सच्चे संतुलन के लिए मार्गदर्शन करती है, और बताती है कि हर कार्य ईश्वर को समर्पित भाव से किया जाना चाहिए।

कुरुक्षेत्र का महाभारत (Kurukshetra ka Mahabharat)

कुरुक्षेत्र का महाभारत’ केवल एक पौराणिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन का जीवंत प्रतिबिंब है। हर व्यक्ति के भीतर चल रहे संघर्ष सही और गलत, कर्तव्य और मोह, सत्य और भ्रम को यह ग्रंथ सजीव रूप में सामने लाता है। ‘कुरुक्षेत्र का महाभारत’ महर्षि वेदव्यास की विशाल रचना का संक्षिप्त रूप है।